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Alankrat Srivastava
naastik bhi gar teri ye muskuraahat dekh len to
naastik bhi gar teri ye muskuraahat dekh len to | नास्तिक भी गर तेरी ये मुस्कुराहट देख लें तो
- Alankrat Srivastava
नास्तिक
भी
गर
तेरी
ये
मुस्कुराहट
देख
लें
तो
छोड़
कर
विज्ञान
तेरे
रूप
की
पूजा
करेंगे
- Alankrat Srivastava
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अजब
अंदाज़
के
शाम-ओ-सहर
हैं
कोई
तस्वीर
हो
जैसे
अधूरी
Asad Bhopali
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भेज
देता
हूँ
मगर
पहले
बता
दूँ
तुझ
को
मुझ
से
मिलता
नहीं
कोई
मिरी
तस्वीर
के
बाद
Umair Najmi
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अपने
टूटे
फूटे
ख़्वाबों
की
ता'बीर
बनाता
हूँ
मैं
बिखरे
लफ्ज़ों
से
काग़ज़
पर
तस्वीर
बनाता
हूँ
Aves Sayyad
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देर
तक
आँख
मुसीबत
में
पड़ी
रहती
है
तुम
चले
जाते
हो,
तस्वीर
बनी
रहती
है
Fauziya Rabab
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फ़र्क़
इतना
है
कि
तू
पर्दे
में
और
मैं
बे-हिजाब
वर्ना
मैं
अक्स-ए-मुकम्मल
हूँ
तिरी
तस्वीर
का
Asad Bhopali
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बहुत
से
लोग
हैं
तस्वीर
में
अच्छे
बहुत
अच्छे
तेरे
चेहरे
पे
ही
मेरी
नज़र
हरदम
ठहरती
है
Umesh Maurya
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जिस
शख़्स
से
शदीद
मोहब्बत
हो
तुमको
वो
तस्वीर
में
दिखाया
गया
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
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उलझ
जाती
हूँ
अक्सर
आईने
से
मैं
तक़ाबुल
में
जो
ख़ुद
को
देखती
हूँ
अक्स
तेरा
ही
उभरता
है
Kiran K
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तू
कभी
मुझ
सेे
मिला
तस्वीर
मेरी
देख
फिर
कोई
जुदा
तस्वीर
मेरी
इक
बनानी
थी
उसे
ग़मगीन
सूरत
वो
बनाता
ही
गया
तस्वीर
मेरी
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Dileep Kumar
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दिल-ए-सोज़ाँ
को
भी
महका
रहे
हैं
हमें
जो
ख़्वाब
तेरे
आ
रहे
हैं
तेरे
शैदाई
पागल
हो
चुके
हैं
तिरी
तस्वीर
चू
में
जा
रहे
हैं
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Siddharth Saaz
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मुहब्बत
इक
तराना
है,
जिसे
रो
रो
के
गाना
है
मज़े
की
बात
तो
है
ये
के
फिर
भी
मुस्कुराना
है
Alankrat Srivastava
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याद
उसको
भी
मेरी
तड़पाएगी
देखना
वो
लौट
करके
आएगी
Alankrat Srivastava
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तुम
मुझे
उतनी
ही
प्यारी
हो
मेरी
जाँ
जितना
प्यारा
है
कश्मीर
इस
देश
को
Alankrat Srivastava
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मैं
इक
दिन
ऊब
कर
लोगों
से
दुनिया
छोड़
देता
पर,
तेरे
गर्दन
पे
रक्खे
तिल
ने
मुझ
को
थाम
रक्खा
है
Alankrat Srivastava
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लिखें
तुम
को
क्या
श्याम
की
राधिका
या
वन
वन
जो
भटकी
वो
शिव
साधिका
Alankrat Srivastava
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