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Alankrat Srivastava
muhabbat ik taraana hai jise ro ro ke gaana hai
muhabbat ik taraana hai jise ro ro ke gaana hai | मुहब्बत इक तराना है, जिसे रो रो के गाना है
- Alankrat Srivastava
मुहब्बत
इक
तराना
है,
जिसे
रो
रो
के
गाना
है
मज़े
की
बात
तो
है
ये
के
फिर
भी
मुस्कुराना
है
- Alankrat Srivastava
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माना
के
मोहब्बत
का
छुपाना
है
मोहब्बत
चुपके
से
किसी
रोज़
जताने
के
लिए
आ
Ahmad Faraz
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यानी
अब
उसकी
मुहब्बत
का
हलफ़
माँगूँ
मैं
यानी
अब
सुर्ख़
लबों
पे
मैं
सियाही
फेंकूँ
anupam shah
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मैं
चाहता
हूँ
मोहब्बत
मेरा
वो
हाल
करे
कि
ख़्वाब
में
भी
दोबारा
कभी
मजाल
न
हो
Jawwad Sheikh
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ये
इश्क़
भी
मुझे
लगता
है
बेटियों
की
तरह
जो
माँगता
है
अमूमन
उसे
नहीं
मिलता
Dipendra Singh 'Raaz'
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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हर
मुलाक़ात
पे
सीने
से
लगाने
वाले
कितने
प्यारे
हैं
मुझे
छोड़
के
जाने
वाले
ज़िंदगी
भर
की
मोहब्बत
का
सिला
ले
डूबे
कैसे
नादाँ
थे
तिरे
जान
से
जाने
वाले
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Vipul Kumar
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जब
चाहें
सो
जाते
थे
हम,
तुम
सेे
बातें
करके
तब
उल्टी
गिनती
गिनने
से
भी
नींद
नहीं
आती
है
अब
इश्क़
मुहब्बत
पर
ग़ालिब
के
शे'र
सुनाए
उसको
जब
पहले
थोड़ा
शरमाई
वो
फिर
बोली
इसका
मतलब?
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Tanoj Dadhich
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'असद'
ये
शर्त
नहीं
है
कोई
मुहब्बत
में
कि
जिस
सेे
प्यार
करो
उसकी
आरज़ू
भी
करो
Subhan Asad
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लिख
रहा
हूँ
अनोखी
ग़ज़ल
दोस्तों
यानी
उसके
बदन
का
बदल
दोस्तों
ज़िन्दगी
जिस
सहारे
मैं
जीता
गया
क्या
हक़ीक़त
में
थे
भी
वो
पल
दोस्तों
कर
तो
लेता
मुहब्बत
दुबारा
अगर
मिल
कहीं
जाती
उसकी
नक़ल
दोस्तों
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Alankrat Srivastava
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काम
की
सीख
दे
भी
रहें
हैं
तो
वो
वो
जो
ख़ुद
हाथ
अपना
मसलते
रहे
Alankrat Srivastava
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अगर
तुम
कहो
हम
बदल
जाते
हैं
जी
हैं
पत्थर
मगर
हम
पिघल
जाते
हैं
जी
अमीरी
बुलंदी
की
चाहत
न
थी
सो
ग़रीबी-फ़क़ीरी
में
पल
जाते
हैं
जी
सभी
गीत
उन
पर
ना
थे
पर
हुआ
यूँँ
सभी
गीत
में
वो
तो
ढल
जाते
हैं
जी
ख़ता
मेरी
इस
में
नहीं
थोड़ी
सी
भी
सभी
को
भले
लोग
खल
जाते
हैं
जी
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Alankrat Srivastava
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तुम
को
सुन
कर
के
हम
बुदबुदाने
लगे
बेसुरा
ही
सही
गीत
गाने
लगे
Alankrat Srivastava
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हमें
पूछो
कठिन
कितना
किसी
का
दिल
चुराना
है
उन्हें
क्या
है
उन्हें
तो
बस
ज़रा
का
मुस्कुराना
है
Alankrat Srivastava
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