jo hoti thii kabhi taqat hamaari | जो होती थी कभी ताक़त हमारी

  - Aqib khan
जोहोतीथीकभीताक़तहमारी
उसेअबखाचुकीफ़ितरतहमारी
किदरियापारकरकेडूबजाना
हैऐसेसाथकुछक़िस्मतहमारी
बिनामाँगेजोतुमकोमिलगएहैं
तुम्हेंहैक्यापताक़ीमतहमारी
हमाराफूलजबउसनेकुबूला
तभीसेगईशामतहमारी
वहीइककमरा,तन्हाई,उदासी
यहीहैअबतोबसदौलतहमारी
सुनोतुमराब्तामतरक्खोहमसेे
सुनोअच्छीनहींनीयतहमारी
जहाँहमसेेहीसारीरौनकेंथीं
वाँना-मंज़ूरहैशिरकतहमारी
हमकोदर्दबतलाओयूँँअपना
हैकबकीमरगईशफ़क़तहमारी
  - Aqib khan
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