khud ko bhookha hi rakha aur kamaai roti | ख़ुद को भूखा ही रखा और कमाई रोटी

  - Afzal Ali Afzal
ख़ुदकोभूखाहीरखाऔरकमाईरोटी
तबकहींबापनेबच्चोंकोखिलाईरोटी
उसकीमेहनतकेहीसदक़ेमेंमिलीहैहमको
उसनेजलजलकेहैखेतोंमेंउगाईरोटी
बादमुद्दतकेमिरेगांवकोलौटाजबमैं
अपनेहाथोंसेमेरीमाँनेखिलाईरोटी
औरमांगेगाभीक्याइसकेसिवाबूढ़ाफ़क़ीर
एककंबलहोअगर,औरदोढाईरोटी
हमनेखूँदेकेबनायाहैज़मींकोज़रखेज़
तबकहींजाकेतिरेहाथमेंआईरोटी
उसकेचेहरेपेख़ुशीदेखनेकेलायक़थी
उसनेजबपहलीदफ़ागोलबनाईरोटी
मैंनेकलशबजोसबबरोनेकापूछाउससेे
उसनेचंदामेंइशारेसेदिखाईरोटी
  - Afzal Ali Afzal
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