aap kahte hain ki bekar lahu rote hain | आप कहते हैं कि बेकार लहू रोते हैं

  - Afzal Ali Afzal
आपकहतेहैंकिबेकारलहूरोतेहैं
हमतोसमझेथेसमझदारलहूरोतेहैं
हरदफ़ातुमभीतसव्वुरमेंचलेआतेहो
हमभीफिरटूटकेहरबारलहूरोतेहैं
इससेपहलेकिनिगलजाएमुझेबैचेनी
कहींबैठकेग़मख़्वारलहूरोतेहैं
सुर्ख़आँखोंकासबबक्याहैबताएंतुमको
दर्दहोताहैबहोत,यारलहूरोतेहैं
इसकहानीकानयामोड़हैमेरामरना
क्यूँकहानीकेयेकिरदारलहूरोतेहैं
दाददेतेहैंजिन्हेंआपख़ुशीसेउठकर
फ़नकेपरदेमेंयेफ़नकारलहूरोतेहैं
येभीकैसाहीअजबसीनहैजिसमेंमिलकर
सारेकेसारेअदाकारलहूरोतेहैं
  - Afzal Ali Afzal
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