paas mere bhi kya nahin hota | पास मेरे भी क्या नहीं होता

  - Afzal Ali Afzal
पासमेरेभीक्यानहींहोता
दूरअगरतूहुआनहींहोता
तूजोमुझसेेमिलानहींहोता
इश्क़क्याहैपतानहींहोता
हमजोइंसांकभीअगरहोते
ज़ातकामसअलानहींहोता
दर्दहदसेगुज़रगयामौला
फिरभलाक्यूँँदवानहींहोता
चाहेउड़लेतूआसमानोंमें
ऐसेकोईख़ुदानहींहोता
हमअगरदोस्तीपेरुकजाते
दरमियाँफ़ासलानहींहोता
हैअजबमसअलाकिवोअफ़ज़ल
मेराहोकरमिरानहींहोता
  - Afzal Ali Afzal
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