रहम-ए-मादरसेनिकलनामिराबे-सूदहुआ
आजभीक़ैदहूँमैं
हुक्म-ए-मादरकोमैंतब्दीलकरूँँ
माँकीनफ़रतभरीआँखोंसेकहींदूरचलाजाऊँमैं
बे-नियाज़ीसेफिरूँ
पापकेकाँटेचुनकर
रूहनापाककरूँँ
गीतशहवतकेहवसकेसुनकर
ज़ेहनबे-बाककरूँँ
ऐसेजीवनकीहैहसरतअबतक
प्यार...सबकहतेहैंवोप्यारमुझेकरतीहै
प्यारकीराखतलेसोयापड़ाहूँकबसे
झूटकहतेहैंमैंबेज़ारहुआहूँसबसे
फिरलपकउट्ठेगावोशोला,पुर-उम्मीदहूँमैं
प्यारकीराखतलेदबकेहैजोदूदहुआ