hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Zafar Siddqui
nasheeman us ka phir aabaad hogaa
nasheeman us ka phir aabaad hogaa | नशेमन उस का फिर आबाद होगा
- Zafar Siddqui
नशेमन
उस
का
फिर
आबाद
होगा
परिंदा
क़ैदस
आज़ाद
होगा
करेंगे
इश्क़
हम
इक
दूसरे
से
वज़ीफ़ा
ये
तुम्हें
भी
याद
होगा
मिरी
तकलीफ़
बढ़ती
जा
रही
है
मिरा
दुश्मन
यक़ीनन
शाद
होगा
किसी
के
दिल
में
गर
नफ़रत
भरी
है
तो
वो
इंसान
भी
जल्लाद
होगा
गुनाहों
से
जो
बचता
है
यहाँ
पर
बरोज़े
हश्र
भी
वो
शाद
होगा
मेरी
ख़ुशियों
से
वो
जलने
लगा
है
ज़फर
फिर
ग़म
नया
ईजाद
होगा
- Zafar Siddqui
Download Ghazal Image
इज़हार-ए-इश्क़
उस
से
न
करना
था
'शेफ़्ता'
ये
क्या
किया
कि
दोस्त
को
दुश्मन
बना
दिया
Mustafa Khan Shefta
Send
Download Image
34 Likes
जो
दोस्त
हैं
वो
माँगते
हैं
सुलह
की
दु'आ
दुश्मन
ये
चाहते
हैं
कि
आपस
में
जंग
हो
Lala Madhav Ram Jauhar
Send
Download Image
36 Likes
कुछ
ख़ास
तो
बदला
नहीं
जाने
से
तुम्हारे
बस
राब्ता
कम
हो
गया
फूलों
की
दुकाँ
से
Ashu Mishra
Send
Download Image
48 Likes
रंग
बदला
यार
ने
वो
प्यार
की
बातें
गईं
वो
मुलाक़ातें
गईं
वो
चाँदनी
रातें
गईं
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
24 Likes
कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
Send
Download Image
69 Likes
ज़रा
मौसम
तो
बदला
है
मगर
पेड़ों
की
शाख़ों
पर
नए
पत्तों
के
आने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
बहुत
से
ज़र्द
चेहरों
पर
ग़ुबार-ए-ग़म
है
कम
बे-शक
पर
उन
को
मुस्कुराने
में
अभी
कुछ
दिन
लगेंगे
Javed Akhtar
Send
Download Image
33 Likes
उस
ने
इस
तरह
से
बदला
है
रवय्या
अपना
पूछना
पड़ता
है
हर
वक़्त,
तुम्हीं
हो
ना
दोस्त?
Inaam Azmi
Send
Download Image
41 Likes
ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Kashif Sayyed
Send
Download Image
54 Likes
तेरी
तारीफ़
करने
लग
गए
हैं
तेरे
दुश्मन
हमारे
शे'र
सुनके
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
13 Likes
ख़ास
तो
कुछ
भी
नहीं
बदला
तुम्हारे
बाद
में
पहले
गुम
रहता
था
तुम
में,
अब
तुम्हारी
याद
में
मोल
हासिल
हो
गया
है
मुझको
इक-इक
शे'र
का
सब
दिलासे
दे
रहे
हैं
मुझको
"जस्सर"
दाद
में
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
3 Likes
Read More
इश्क़
का
यूँँ
जवाब
लेना
है
यानी
उस
से
गुलाब
लेना
है
उसने
तोहफ़े
गिना
दिए
हैं
ज़फर
अब
तुझे
भी
हिसाब
लेना
है
Read Full
Zafar Siddqui
Send
Download Image
0 Likes
हुई
है
आँख
क्यूँ
पुर-नम
समझ
ले
ज़फ़र
के
प्यार
को
हमदम
समझ
ले
सही
जाती
नहीं
फ़ुर्क़त
तिरी
अब
मिरे
ग़म
को
तू
अपना
ग़म
समझ
ले
Read Full
Zafar Siddqui
Send
Download Image
0 Likes
शब
जुदाई
की
अब
ढल
रही
है
वस्ल
की
राह
पर
चल
रही
है
इश्क़
में
मैं
ही
पागल
नहीं
था
थोड़ा
वो
भी
तो
पागल
रही
है
रात
करवट
पे
करवट
बदल
कर
हिज्र
की
आग
में
जल
रही
है
वक़्त
फ़ाक़ों
पे
गुज़रा
है
अक्सर
यूँँ
ग़रीबी
मुसलसल
रही
है
ऐ
ज़फर
हर
किसी
की
दु'आ
से
हर
दु'आ
माँ
की
अफज़ल
रही
है
Read Full
Zafar Siddqui
Download Image
0 Likes
मैने
बचा
रखा
है
ईमान
ज़िन्दगी
में
दूँ
साथ
हक
का
है
ये
अरमान
ज़िन्दगी
में
मैं
चल
पड़ा
मिटाने
नफ़रत
जहाँ
से
सारे
ये
राह
भी
नहीं
है
आसान
ज़िन्दगी
में
Read Full
Zafar Siddqui
Send
Download Image
1 Like
यूँँ
सितम
उसने
माँ
पे
ढाया
है
माँ
के
ज़ेवर
ही
बेच
आया
है
चापलूसी
है
करता
बीवी
की
और
माँ
को
फ़क़त
सताया
है
Read Full
Zafar Siddqui
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nadii Shayari
Khuda Shayari
Fantasy Shayari
Mahatma Gandhi Shayari
Hug Shayari