gham ki tarteeb saleeqe se laga saka tha | ग़म की तरतीब सलीक़े से लगा सकता था

  - Yunus Tahseen
ग़मकीतरतीबसलीक़ेसेलगासकताथा
या'नीमैंरोज़तिराहिज्रमनासकताथा
सब्रनेचीख़गलेसेनहींआगेभेजी
वर्नादीवानाबहुतशोरमचासकताथा
ग़ैरत-ए-इश्क़नेपत्थरकाबनायामुझको
वर्नामैंख़ाकवहाँउड़केभीजासकताथा
तंगी-ए-दामन-ए-सद-चाकतिराक्यारोना
मैंनुमाइशमेंफ़क़तज़ख़्मदिखासकताथा
तेरीनफ़रतसेअगरथोड़ीसीफ़ुर्सतमिलती
मैंमोहब्बतमेंबहुतनामकमासकताथा
आपबे-कारसमझकरजिसेछोड़आएहैं
इकवहीशख़्समिरीजानबचासकताथा
उसकीमा'सूमतबीअ'तकीहयानेरोका
वर्नामैंउसकोबड़ेख़्वाबदिखासकताथा
येतोउसचेहरा-ए-पुर-नूरकाजादूसमझो
वर्नादरवेशकहाँजालमेंसकताथा
यूँँहीज़हमतसेअकेलेमुझेबर्बादकिया
ज़िंदगानीमैंतिराहाथबटासकताथा
तुमही'तहसीन'मिरीक़द्रनहींकरपाए
मैंतोवोथाजोगयावक़्तभीलासकताथा
  - Yunus Tahseen
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