mast hooñ muttaqi nahin hooñ main | मस्त हूँ मुत्तक़ी नहीं हूँ मैं

  - Yunus Tahseen
मस्तहूँमुत्तक़ीनहींहूँमैं
कामकाआदमीनहींहूँमैं
मुझकोदुनियाकीफ़िक्रलाहक़है
या'नीकोईवलीनहींहूँमैं
तेरेमेआ'रकातोदूरकीबात
तेरेमतलबकाभीनहींहूँमैं
मज़हब-ए-इश्क़कापयम्बरहूँ
हाँमगरआख़िरीनहींहूँमैं
डरनहींपासमिरेप्यारे
नूरहूँरौशनीनहींहूँमैं
मुक़्तदाहूँमैंरोज़-ए-अव्वलसे
काफ़िरा!मुक़तदीनहींहूँमैं
आमसेकूज़ा-गरकाबेटाहूँ
गाँवकाचौधरीनहींहूँमैं
मुझपेथोड़ासाग़ौरकर'तहसीन'
हूँतोफिरआरज़ीनहींहूँमैं
  - Yunus Tahseen
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