shor se paak shab-o-roz guzaare ghar men | शोर से पाक शब-ओ-रोज़ गुज़ारे घर में

  - Yunus Tahseen
शोरसेपाकशब-ओ-रोज़गुज़ारेघरमें
हमकितरसेहीरहेकोईपुकारेघरमें
हमयतीमोंकोकहाँआतेथेनख़रेकरने
या'नीझगड़ानहींहोताथाहमारेघरमें
हमतोबसएकहीकोनेमेंपड़ेरहतेथे
औरमहरूमीरहाकरतीथीसारेघरमें
आयतेंकानमेंपड़तीथींसहरहोनेपर
हमतोरहतेथेजहाँभरसेनियारेघरमें
एकममताथीजिसेहमनेख़ुदासमझाथा
जबवोहँसतीथीउतरतेथेसितारेघरमें
एकहसरतकिमैंहुक़्क़ेकीचिलमभरकरदूँ
एकख़्वाहिशकिमिराबापखंकारेघरमें
चार-दीवारीथीग़ुर्बतभीथीया'नी'तहसीन'
एकदीवारज़ियादाथीहमारेघरमें
  - Yunus Tahseen
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