us ke haathon men vo taaseer-e-masihaai thii | उस के हाथों में वो तासीर-ए-मसीहाई थी

  - Yasir Khan
उसकेहाथोंमेंवोतासीर-ए-मसीहाईथी
सूखतेपेड़सेभीशाख़निकलआईथी
ज़िंदगीभरवोउदासीकेलिएकाफ़ीहै
एकतस्वीरजोहँसतेहुएखिंचवाईथी
कलतोमरनेमेंसुहूलतभीबहुतथीमुझको
हिज्रथारातथीबरसातथीतन्हाईथी
मरगयाप्याससेवोशख़्सभीअबहैरतहै
जिसकीदरियाओंसेबरसोंकीशनासाईथी
देखलेनेकीसुहूलततोसभीकोथीमगर
चंदहीआँखेंथींजिनआँखोंमेंबीनाईथी
  - Yasir Khan
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