kaun ab jaa.e tire paas shikaayat le kar | कौन अब जाए तिरे पास शिकायत ले कर

  - Yasir Khan
कौनअबजाएतिरेपासशिकायतलेकर
रोज़आतेहैंतिरेख़्वाबमोहब्बतलेकर
इसक़दरमुझसेतकल्लुफ़कीज़रूरतक्याहै
मैंअगरतुझकोछुऊँगातोइजाज़तलेकर
हुस्नबे-पर्दाहुआऔरतवक़्क़ोयेहैइश्क़देखेउसेआँखोंमेंशराफ़तलेकर
दफ़्तर-ए-इश्क़कासरकारीमुलाज़िमहूँमैं
लौटजाऊँगातिरीदीदकीरिश्वतलेकर
अपनाचेहराथाकभीजिनकीतमन्ना'यासिर'
अबवोकहतेहैंनिकलजाओयेसूरतलेकर
  - Yasir Khan
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