mirii cheekh'on se kamra bhar gaya tha | मिरी चीख़ों से कमरा भर गया था

  - Yasir Khan
मिरीचीख़ोंसेकमराभरगयाथा
कोईकलरातमुझमेंमरगयाथा
बहुतमुश्किलहैउसकालौटआना
वोपूरीबातकबसुनकरगयाथा
मुझेपहचानताभीहैकोईअब
मैंबसयेदेखनेहीघरगयाथा
ज़मानाजिसकोदरियाकहरहाहै
हमारीआँखसेबहकरगयाथा
कईसदियोंसेसूखापड़रहाहै
यहाँइकशख़्सप्यासामरगयाथा
हमाराबोझथासरपरहमारे
तुम्हारेसाथतोनौकरगयाथा
येमतसमझाख़ताकिससेहुईथी
बताइल्ज़ामकिसकेसरगयाथा
  - Yasir Khan
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