vo chali gaii | वो चली गई

  - Yahya Khan Yusuf Zai
वोचलीगई
वोचटाख़चिड़ियाचलीगई
मिरेआशियाँमेंगुज़शताशबवोरुकी
मगरदम-ए-सुब्हफिरसेवोउड़गई
उसेउड़तेरहनापसंदथासोचलीगई
बड़ीशोख़थीबड़ीतेज़-रौ
बड़ाचहचहातीथीमुस्कुरातीथी
उसकेपंखोंमेंकोईदाम-ए-विसालथा
मुझेउसकानामपतानहीं
वोकहाँसेआईनहींख़बर
वोयहींकहींपेछुपीहुईतोनहींयहीं
किसीऔरआँखकोदाम-ए-हुस्नमेंबाँधकर
दिल-ए-मुब्तलाकोअसीर-ए-वस्लकिएहुए
वोनहींगईवोयहींकहींतोज़रूरहै
  - Yahya Khan Yusuf Zai
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