us ke shokh labon ki laali das legi | उस के शोख़ लबों की लाली डस लेगी

  - Yahya Khan Yusuf Zai
उसकेशोख़लबोंकीलालीडसलेगी
नागनजैसीआँखोंवालीडसलेगी
उसकेज़हर-ए-निगाहमेंकोईमस्तीहै
लगताहैवोचश्म-ए-ग़ज़ालीडसलेगी
शहज़ादीकाजिस्मख़ज़ानेजैसाहै
पहरे-दारोंकोरखवालीडसलेगी
दिनभरतोऑफ़िसमेंबकबककरताहूँ
शामकोफिरतन्हाईसालीडसलेगी
कौनकिसीकाबोझयहाँपरसहताहै
आख़िरफूलोंकोभीडालीडसलेगी
  - Yahya Khan Yusuf Zai
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