dil ko kitna samjhaaya hai sab maaya hai | दिल को कितना समझाया है सब माया है

  - Yahya Khan Yusuf Zai
दिलकोकितनासमझायाहैसबमायाहै
कौनकिसीकाहोपायाहैसबमायाहै
जबभीख़्वाबसेबाहरआनेकीकोशिशकी
नींदकाआलमगहरायाहैसबमायाहै
हमनेअपनीख़ातिरइकसूलीबनवाकर
ख़ुदकोउसपरलटकायाहैसबमायाहै
क्यामज़हरकीनिस्बतहोतीहैमंज़रसे
क्यासूरजहैक्यासायाहैसबमायाहै
राहमेंबैठनेवालेलोगोंनेहीअक्सर
हमकोराहसेभटकायाहैसबमायाहै
हमनेज़ीस्त-मुअ'म्माआख़िरहलकरडाला
सबमायाहैसबमायाहैसबमायाहै
  - Yahya Khan Yusuf Zai
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