सरतेरेआस्ताँपेझुकाएहुएहैहम
या'नीफ़राज़अर्शपेछाएहुएहैहम
हासिलहमेंहैलुत्फ़-ए-बहार-ए-जमाल-ए-दोस्त
मय-ख़ानाआजसरपेउठाएहुएहैहम
गुम-कर्दाराह-ए-का'बा-ओ-बुत-ख़ानासेअबदूर
इनमंज़िलोंकीख़ाकउड़ाएहुएहैंहम
आशैख़मय-कदेमेंतेरीआक़िबतब-ख़ैर
रहमतकोबोतलोंमेंछुपाएहुएहैंहम
'नश्तर'तसव्वुर-ए-रुख़-ए-ताबाँहैरात-दिन
ग़मकोबहुतहसीनबनाएहुएहैंहम