चाँदकानूरसितारोंकीज़ियाबनजाऊँ
सोचताहूँकितिरीबज़्ममेंक्याबनजाऊँ
साज़-ए-दिल-सोज़कीदिल-गीरसदाबनजाऊँ
तूबनेनग़्मातोमैंनग़्मा-सराबनजाऊँ
ज़ौक़-ए-सज्दाकातक़ाज़ाहैकिदरपरतेरे
इतनामिटजाऊँकिनक़्श-ए-कफ़-ए-पाबनजाऊँ
यूँँहीदेतारहेआवाज़अगरदिल'नश्तर'
अपनीमंज़िलकामैंख़ुदराह-नुमाबनजाऊँ