hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
sab kuchh mirii qismat ka tere dar ke qareen hai
sab kuchh mirii qismat ka tere dar ke qareen hai | सब कुछ मिरी क़िस्मत का तेरे दर के क़रीं है
- Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
सब
कुछ
मिरी
क़िस्मत
का
तेरे
दर
के
क़रीं
है
जीना
भी
यहीं
है
मुझे
मरना
भी
यहीं
है
आलम
से
निराला
है
तेरे
हुस्न
का
आलम
तू
ख़ुद
भी
हसीं
तेरी
मोहब्बत
भी
हसीं
है
वाइज़
की
ज़बाँ
और
ये
जन्नत
के
फ़साने
कम्बख़्त
ने
मय-ख़ाना
तो
देखा
ही
नहीं
है
'नश्तर'
को
गुनाहों
की
जज़ा
मिल
के
रहेगी
उस
को
तिरी
रहमत
पे
भरोसा
है
यक़ीं
है
- Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
Download Ghazal Image
वरना
तो
ये
दीवार-ओ-दर
लगता
है
तुम
होती
हो
घर
में
तो
घर
लगता
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
28 Likes
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
Rajesh Reddy
Send
Download Image
42 Likes
रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
305 Likes
शहर
गुम-सुम
रास्ते
सुनसान
घर
ख़ामोश
हैं
क्या
बला
उतरी
है
क्यूँँ
दीवार-ओ-दर
ख़ामोश
हैं
Azhar Naqvi
Send
Download Image
23 Likes
तीर
पर
तीर
लगाओ
तुम्हें
डर
किस
का
है
सीना
किस
का
है
मिरी
जान
जिगर
किस
का
है
Ameer Minai
Send
Download Image
33 Likes
यूँँ
देखिए
तो
आँधी
में
बस
इक
शजर
गया
लेकिन
न
जाने
कितने
परिंदों
का
घर
गया
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
Read Full
Rajesh Reddy
Send
Download Image
46 Likes
मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
46 Likes
गर
बाज़ी
इश्क़
की
बाज़ी
है,
जो
चाहो
लगा
दो
डर
कैसा
गर
जीत
गए
तो
क्या
कहना,
हारे
भी
तो
बाज़ी
मात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
63 Likes
इस
दर
का
हो
या
उस
दर
का
हर
पत्थर
पत्थर
है
लेकिन
कुछ
ने
मेरा
सर
फोड़ा
हैं
कुछ
पर
मैं
ने
सर
फोड़ा
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
32 Likes
वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
Send
Download Image
24 Likes
Read More
फिर
तेरी
याद
दिलाते
हैं
मुझे
लोग
दानिस्ता
सताते
हैं
मुझे
ज़ुल्फ़-बर-दोश
नशीली
आँखें
ऐ
वो
लूटे
लिए
जाते
हैं
मुझे
मैं
ने
ये
ख़्वाब
न
देखा
हो
कहीं
वो
मोहब्बत
से
बुलाते
हैं
मुझे
उन
के
अश्कों
में
भी
अब
तो
'नश्तर'
दिल
के
टुकड़े
नज़र
आते
हैं
मुझे
Read Full
Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
Download Image
0 Likes
चाँद
का
नूर
सितारों
की
ज़िया
बन
जाऊँ
सोचता
हूँ
कि
तिरी
बज़्म
में
क्या
बन
जाऊँ
साज़-ए-दिल-सोज़
की
दिल-गीर
सदा
बन
जाऊँ
तू
बने
नग़्मा
तो
मैं
नग़्मा-सरा
बन
जाऊँ
ज़ौक़-ए-सज्दा
का
तक़ाज़ा
है
कि
दर
पर
तेरे
इतना
मिट
जाऊँ
कि
नक़्श-ए-कफ़-ए-पा
बन
जाऊँ
यूँँ
ही
देता
रहे
आवाज़
अगर
दिल
'नश्तर'
अपनी
मंज़िल
का
मैं
ख़ुद
राह-नुमा
बन
जाऊँ
Read Full
Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
Download Image
0 Likes
सर
तेरे
आस्ताँ
पे
झुकाए
हुए
है
हम
या'नी
फ़राज़
अर्श
पे
छाए
हुए
है
हम
हासिल
हमें
है
लुत्फ़-ए-बहार-ए-जमाल-ए-दोस्त
मय-ख़ाना
आज
सर
पे
उठाए
हुए
है
हम
गुम-कर्दा
राह-ए-का'बा-ओ-बुत-ख़ाना
से
अब
दूर
इन
मंज़िलों
की
ख़ाक
उड़ाए
हुए
हैं
हम
आ
शैख़
मय-कदे
में
तेरी
आक़िबत
ब-ख़ैर
रहमत
को
बोतलों
में
छुपाए
हुए
हैं
हम
'नश्तर'
तसव्वुर-ए-रुख़-ए-ताबाँ
है
रात-दिन
ग़म
को
बहुत
हसीन
बनाए
हुए
हैं
हम
Read Full
Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
Download Image
0 Likes
फ़रियाद
नहीं
शुक्र-ए-सितम
करते
रहेंगे
हम
ख़ुद
उन्हें
मजबूर-ए-करम
करते
रहेंगे
का'बे
को
शिकायत
है
तो
हो
अपने
ख़ुदास
सज्दे
तो
दर-ए-यार
पे
हम
करते
रहेंगे
दुनिया
को
सुनाने
के
लिए
शे'र
की
सूरत
जो
हम
पे
गुज़रती
है
रक़म
करते
रहेंगे
मय-ख़ाना
सलामत
रहे
हम
दूर
से
'नश्तर'
नज़्ज़ारगी-ए-दैर-ओ-हरम
करते
रहेंगे
Read Full
Yadgar Husain Nashtar Khairabadi
Download Image
0 Likes
Read More
Subhan Asad
Anjum Saleemi
Siraj Faisal Khan
Zubair Ali Tabish
Swapnil Tiwari
Firaq Gorakhpuri
Aziz Nabeel
Jaan Nisar Akhtar
Ameer Minai
Zafar Gorakhpuri
Get Shayari on your Whatsapp
Aurat Shayari
Hijr Shayari
Satire Shayari
Aah Shayari
Mehnat Shayari