उसहुस्न-ए-बे-नियाज़केकुछमर्तबेथेऔर
मेरीउदासरातोंकेबुझतेदिएथेऔर
ज़ख़्मोंकोनोक-ए-ख़ारकीलज़्ज़तपसंदथी
वैसेतुम्हारेघरकेकईरास्तेथेऔर
मैंहीनहींथाखोखलेपेड़ोंकेदरमियाँ
मुझजैसेना-शनासवहाँपरखड़ेथेऔर
इससेबिछड़केरोनेकीफ़ुर्सतनहींमिली
क़िर्तास-ए-ज़िंदगीपेकईग़मलिखेथेऔर
दामनमेंजोगुहरहैंनतीजेहैंइश्क़के
पहलेजोमेरेपासथेवोआइनेथेऔर
साक़ीबचालीआबरूतूनेख़ुदअपनीआज
वर्नामिरीमंज़रमेंकईमय-कदेथेऔर
जिसकेइकएकमिसरेमेंरहताथाउसकाज़िक्र
'आजिज़'वोशे'रऔरथेवोक़ाफ़िएथेऔर