tanj ke teer mirii samt chalaate kyun ho | तंज़ के तीर मिरी सम्त चलाते क्यूँँ हो

  - Laiq Aajiz
तंज़केतीरमिरीसम्तचलातेक्यूँँहो
तुमअगरदोस्तहोतोदिलकोदिखातेक्यूँँहो
देखलेयेभीज़मानाकिहोतुमकितनेअमीर
अपनीपलकोंकेनगीनेकोछुपातेक्यूँँहो
मिरेपाँवकेछालोमिरेहम-राहरहो
इम्तिहाँसख़्तहैतुमछोड़केजातेक्यूँँहो
तिश्नगीसेमिरीबरसोंकीशनासाईहै
बीचमेंनहरकीदीवारउठातेक्यूँँहो
मेरीतारीकशबोंमेंहैउजालाइनसे
चाँदसेज़ख़्मोंपेमरहमयेलगातेक्यूँँहो
उससेजबअहद-ए-वफ़ाकरहीलियाहै'आजिज़'
बे-वफ़ाकहकेउसेअश्कबहातेक्यूँँहो
  - Laiq Aajiz
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