tark-e-jaam-o-suboo na kar paa.e | तर्क-ए-जाम-ओ-सुबू न कर पाए

  - Laiq Aajiz
तर्क-ए-जाम-ओ-सुबूकरपाए
इसलिएहमवज़ूकरपाए
वक़्त-ए-आख़िरभीहज़रत-ए-नासेह
अपनामुँहक़िबला-रूकरपाए
उसकीरहमतकेसाएबानमेंथा
मेराशकभीअदूकरपाए
मस्लहतकीखड़ीथीजोदीवार
दूरउसकोकभूकरपाए
उम्रभरदूसरोंकीफ़िक्ररही
अपनादामनरफ़ूकरपाए
हाएमजबूरियाँकिउसकेहुज़ूर
पेशअपनालहूकरपाए
करलीकमरेमेंख़ुद-कुशी'आजिज़'
उससेजबगुफ़्तुगूकरपाए
  - Laiq Aajiz
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