ऐनीश-ए-इश्क़तेरेख़रीदारक्याहुए
थीजिनकेदमसेरौनक़-ए-बाज़ारक्याहुए
बोलऐहवा-ए-शामवोबीमारक्याहुए
मोनिसतिरेरफ़ीक़तिरेयारक्याहुए
ऐजुर्म-ए-इश्क़तेरेगुनहगारक्याहुए
ऐदोस्ततेरेहिज्रकेबीमारक्याहुए
रस्म-ए-वफ़ाकाज़िक्रतोअबज़िक्ररहगया
वोपैकर-ए-वफ़ावोवफ़ादारक्याहुए
ऐकम-शनासवक़्ततुझेयादतकनहीं
वोज़ख़्म-ए-जान-ओ-दिलकेतलबगारक्याहुए
कार-ए-जुनूँमेंजिनकेहुएआमतज़्किरे
फ़स्ल-ए-जुनूँबतावोख़ुद-आज़ारक्याहुए
जोश-ओ-नदीम-ओ-फ़ैज़भीबैठेहैंहारके
पहुँचेथेजोजुनूँमेंसर-ए-दारक्याहुए
ज़िंदान-ए-तीरगीमेंमुक़य्यदहैंआजभी
पैदाहुएथेसुब्हकेआसारक्याहुए
'विज्दान'आशिक़ीमेंगँवानीथीजानभी
प्यारेवोतेरेतौरवोअतवारक्याहुए