सोएहुएपलंगकेसाएजगागया
खिड़कीखुलीतोआसमाँकमरेमेंआगया
आँगनमेंतेरीयादकाझोंकाजोआगया
तन्हाईकेदरख़्तसेपत्तेउड़ागया
हँसतेचमकतेख़्वाबकेचेहरेभीमिटगए
बत्तीजलीतोमनमेंअँधेरासाछागया
आयाथाकालेख़ूनकासैलाबपिछलीरात
बरसोंपुरानीजिस्मकीदीवारढागया
तस्वीरमेंजोक़ैदथावोशख़्सरातको
ख़ुदहीफ़्रेमतोड़केपहलूमेंआगया
वोचायपीरहाथाकिसीदूसरेकेसाथ
मुझपरनिगाहपड़तेहीकुछझेंपसागया