mujhe pasand nahin aise kaarobaar men hooñ | मुझे पसंद नहीं ऐसे कारोबार में हूँ

  - Adil Mansuri
मुझेपसंदनहींऐसेकारोबारमेंहूँ
येजब्रहैकिमैंख़ुदअपनेइख़्तियारमेंहूँ
हुदूद-ए-वक़्तसेबाहरअजबहिसारमेंहूँ
मैंएकलम्हाहूँसदियोंकेइंतिज़ारमेंहूँ
अभीकरमिरीतश्कीलमुझकोनामदे
तिरेवजूदसेबाहरमेंकिसशुमारमेंहूँ
मैंएकज़र्रामिरीहैसियतहीक्याहैमगर
हवाकेसाथहूँउड़तेहुएग़ुबारमेंहूँ
बसआस-पासयेसूरजहैऔरकुछभीनहीं
महकरहातोहूँलेकिनमैंरेगज़ारमेंहूँ
  - Adil Mansuri
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