ab tootne hi vaala hai tanhaaii ka hisaar | अब टूटने ही वाला है तन्हाई का हिसार

  - Adil Mansuri
अबटूटनेहीवालाहैतन्हाईकाहिसार
इकशख़्सचीख़ताहैसमुंदरकेआर-पार
आँखोंसेराहनिकलीहैतहतुश-शुऊरतक
रगरगमेंरेंगताहैसुलगताहुआख़ुमार
गिरतेरहेनुजूमअँधेरेकीज़ुल्फ़से
शबभररहींख़मोशियाँसायोंसेहम-कनार
दीवार-ओ-दरपेख़ुशबूकेहालेबिखरगए
तन्हाईकेफ़रिश्तोंनेचूमीक़बा-ए-यार
कबतकपड़ेरहोगेहवाओंकेहाथमें
कबतकचलेगाखोखलेशब्दोंकाकारोबार
  - Adil Mansuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy