तुम्हारीयादमेंआँखेंभिगोरहाहूँमैं
मगरज़मानासमझताहैरोरहाहूँमैं
कमालयेहैकिख़ुदअपनेदिलकेतारोंमें
हसीनइश्क़केमोतीपिरोरहाहूँमैं
कटीहैउम्रयेसारीबुतोंकीउल्फ़तमें
मगरअबअपनेगुनाहोंकोधोरहाहूँमैं
मेरेयक़ीनकाइससेहीइम्तिहाँहोगा
भँवरमेंइश्क़केकश्तीडुबोरहाहूँमैं
मिलेतोउसकोनिशानीवोदूँमोहब्बतकी
उठाकेशानेपेअपनेजोढोरहाहूँमैं
ख़यालआबला-पाईहैहरक़दममुझको
सोअपनीराहमेंकाँटेबोरहाहूँमैं
लगारहेहैंवोमेंहदीख़ुशीकीहाथोंमें
सुकूनदिलकामगरफैज़खोरहाहूँमैं