qais ne maana ki sehra dekha hai | क़ैस ने माना कि सहरा देखा है

  - Dard Faiz Khan
क़ैसनेमानाकिसहरादेखाहै
आगकाहमनेभीदरियादेखाहै
आमद-ओ-शुद,सा'अत-ए-हिज्र-ओ-विसाल
मेरीइनआँखोंनेक्याक्यादेखाहै
दुखकिसीकाकोईकैसेसमझेजब
सबनेबसअपनाहीअपनादेखाहै
यूँँनहींहोताकिसीकाकोईभी
ख़ुदकोजैसेतेराहोतादेखाहै
मैंनेअपनेदिलकोसीनेमेंनहीं
ग़ैरकेपहलूमेंधड़कादेखाहै
रंज,धोखेसबमिलेतेरेसबब
मैंनेहरदमख़ुदकोतन्हादेखाहै
ज़ब्तकादावाथाजिनकोइश्क़में
आजमैंनेउनकोरोतादेखाहै
मुझसेेमिलनेआएहैंवोमेरेघर
फ़ैज़मैंनेकैसासपनादेखाहै
  - Dard Faiz Khan
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