हमभीलेसकतेथेबदलाज़ुल्मकातलवारसे
जंगपरजीतीथीहमनेअम्नकीगुफ़्तारसे
देखनेआयाथारौनक़आजमैंबाज़ारकी
ग़मकाहीकमदामथासोलेलियाबाज़ारसे
रुख़सेपर्दावोहटादेतोबनेगीकोईबात
अबइनआँखोंकोगरज़हैउसकेहीदीदारसे
थकगयापढ़पढ़केमैंख़बरेंसितमकीजब्रकी
होगईनफ़रतसीमुझकोआजकलअख़बारसे
सबकेअबहैंशादमाँमारेहसदकेदेखतो
औरयेमौक़ामिलाउनकोतिरेइंकारसे
ख़ालीदामनलेकेहमसरकोझुकाएहैंखड़े
आजख़ालीपरनजाएँगेतिरेदरबारसे
तीरगीऐसेजहालतकीनहोपाएगीकम
फ़िक्रकेसूरजउगाओज़ेहनकीदीवारसे
शर्मसेउसकीभीआँखेंउठनहींपाईंथीफिर
फैज़रुसवाहोकेजबनिकलाथाकू-ए-यारसे