tere bina nadi ka kinaara hai aur main | तेरे बिना नदी का किनारा है और मैं

  - Dard Faiz Khan
तेरेबिनानदीकाकिनाराहैऔरमैं
सूरजकेडूबनेकानज़ाराहैऔरमैं
मुश्किलघड़ीमेंसाथनिभातानहींकोई
परवरदिगारतेरासहाराहैऔरमैं
उलझाहुआहैआजअजबकश्मकशमेंदिल
मेरीतरफ़किसीकाइशाराहैऔरमैं
दिलमेंतुम्हारेकौनहैमुझकोबताओतो
इकअजनबीसाशख़्सतुम्हाराहैऔरमैं
दिलजबसेमेरातोड़केवोसंगदिलगया
आँखोंमेंमेरीअश्कोंकीधाराहैऔरमैं
फिरमेरासाथछोड़गयामेराहमसेफ़र
गर्दिशमेंआजमेरासिताराहैऔरमैं
मुझकोहीमिलसकीवोमेरेरक़ीबको
इकफ़ैज़वोनसीबकामाराहैऔरमैं
  - Dard Faiz Khan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy