लहूनहोतोक़लमतर्जुमाँनहींहोता
हमारेदौरमेंआँसूज़बाँनहींहोता
जहाँरहेगावहींरौशनीलुटाएगा
किसीचराग़काअपनामकाँनहींहोता
येकिसमक़ामपेलाईहैमेरीतन्हाई
किमुझसेआजकोईबद-गुमाँनहींहोता
बसइकनिगाहमिरीराहदेखतीहोती
येसाराशहरमिरामेज़बाँनहींहोता
तिराख़यालनहोतातोकौनसमझाता
ज़मींनहोतोकोईआसमाँनहींहोता
मैंउसकोभूलगयाहूँयेकौनमानेगा
किसीचराग़केबसमेंधुआँनहींहोता
'वसीम'सदियोंकीआँखोंसेदेखिएमुझको
वोलफ़्ज़हूँजोकभीदास्ताँनहींहोता