seharaaon men dariyaa bhi safar bhool gaya hai | सहराओं में दरिया भी सफ़र भूल गया है

  - Waheed Akhtar
सहराओंमेंदरियाभीसफ़रभूलगयाहै
मिट्टीनेसमुंदरकालहूचूसलियाहै
दुनियाकीमलामतकाभीअबख़ौफ़हैदिलको
ख़ाशाकनेमौजोंकोगिरफ़्तारकियाहै
मंज़िलहैजादाहैसायाहैपानी
तन्हाईकाएहसासफ़क़तराह-नुमाहै
सूरजभीपड़ारोताहैइकगहरेकुएँमें
बरसोंहुएआकाशभीधुँदलायाहुआहै
बिछड़ेहुएख़्वाबकेपकड़लेतेहैंदामन
हररास्तापरछाइयोंनेरोकलियाहै
किरनोंसेतराशाहुआइकनूरकापैकर
शरमायाहुआख़्वाबकीचौखटपेखड़ाहै
फूलोंसेलदीटहनियाँफैलाएहैंबाँहें
ख़ुश्बूकाबदनख़ाकमेंपामालपड़ाहै
दीवार-ओ-दर-ए-शहरपेहैंख़ूनकेधब्बे
रंगोंकाहसींक़ाफ़िलासहरामेंलुटाहै
  - Waheed Akhtar
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