ik dast-e-be-aman ka safar hai chale-chalo | इक दश्त-ए-बे-अमाँ का सफ़र है चले-चलो

  - Waheed Akhtar
इकदश्त-ए-बे-अमाँकासफ़रहैचले-चलो
रुकनेमेंजानदिलकाज़ररहैचले-चलो
हुक्कामसारेक़ीनकीगोरह-गुज़रहैघर
फिरभीबराए-बैततोदरहैचले-चलो
मस्जिदहोमदरसाहोकिमज्लिसकिमय-कदा
महफ़ूज़शरसेकुछहैतोघरहैचले-चलो
ज़ुल्मतहैयाँभीवाँभीअंधेरेहीहोंतोक्या
नूरइकवरा-ए-हद्द-ए-नज़रहैचले-चलो
उतराकिनार-ए-बहर-ए-अत्शएकक़ाफ़िला
ख़त्मउसपेतिश्नगीकासफ़रहैचले-चलो
सरतकपहुँचजाएकोईतेज़-गामलहर
याँख़ूँकीमौजता-ब-कमरहैचले-चलो
जाँकेज़ियाँकाडरहैतलबमेंअगरतोहो
तर्क-ए-तलबमेंभीतोख़तरहैचले-चलो
  - Waheed Akhtar
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