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Vivek Chaturvedi
dushmani thii faqat yahii unse
dushmani thii faqat yahii unse | दुश्मनी थी फ़क़त यही उन सेे
- Vivek Chaturvedi
दुश्मनी
थी
फ़क़त
यही
उन
सेे
की
नहीं
दोस्ती
ता-उम्र
उन
सेे
- Vivek Chaturvedi
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बहुत
चल
बसे
यार
ऐ
ज़िंदगी
कोई
दिन
की
मेहमान
तू
रह
गई
Dagh Dehlvi
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एक
आवाज़
कि
जो
मुझको
बचा
लेती
है
ज़िन्दगी
आख़री
लम्हों
में
मना
लेती
है
जिस
पे
मरती
हो
उसे
मुड़
के
नहीं
देखती
वो
और
जिसे
मारना
हो
यार
बना
लेती
है
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Ali Zaryoun
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मैं
दिल
को
सख़्त
करके
उस
गली
जा
तो
रहा
हूँ
दोस्त
करूँँगा
क्या
अगर
वो
ही
शरारत
पर
उतर
आया
Harsh saxena
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बात
करो
रूठे
यारों
से
सन्नाटों
से
डर
जाते
हैं
प्यार
अकेला
जी
लेता
है
दोस्त
अकेले
मर
जाते
हैं
Kumar Vishwas
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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कहाँ
की
दोस्ती
किन
दोस्तों
की
बात
करते
हो
मियाँ
दुश्मन
नहीं
मिलता
कोई
अब
तो
ठिकाने
का
Waseem Barelvi
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एक
सीता
की
रिफ़ाक़त
है
तो
सब
कुछ
पास
है
ज़िंदगी
कहते
हैं
जिस
को
राम
का
बन-बास
है
Hafeez Banarasi
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इस
से
पहले
कि
बे-वफ़ा
हो
जाएँ
क्यूँँ
न
ऐ
दोस्त
हम
जुदा
हो
जाएँ
Ahmad Faraz
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हालत
जो
हमारी
है
तुम्हारी
तो
नहीं
है
ऐसा
है
तो
फिर
ये
कोई
यारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
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जीने
लगा
हूँ
मैं
भी
तब
से
मरने
लगा
हूँ
तुझ
पे
जब
से
Vivek Chaturvedi
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इश्क़
की
राहों
में
गुज़र
के
देखते
हैं
इक
दफ़ा
हम
उनपे
मर
के
देखते
हैं
मैं
बुरा
हूँ
और
दुनिया
कितनी
अच्छी
ये
भी
तो
अब
हम
सुधर
के
देखते
हैं
देखा
था
हमनें
दफ़ा
इक
आँख
भर
के
तब
से
उन्हें
आँख
भर
के
देखते
हैं
वो
बिछाती
है
मेरे
रस्तों
में
पलकें
अपने
रस्तों
में
गुज़र
के
देखतें
हैं
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Vivek Chaturvedi
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तराशा
गया
था
गली
से
उठाकर
वो
पत्थर
जो
अब
तो
ख़ुदा
हो
चुका
था
Vivek Chaturvedi
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फिल्मी
विलिनो
से
कम
थोड़ी
न
है
ये
कोरोना
गर
जान
से
मिलने
जाओ
तो
जान
को
ख़तरा
है
Vivek Chaturvedi
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ये
नहीं
है
की
तू
याद
आया
नहीं
ज़िक्र
गर
तेरा
होंठों
पे
लाया
नहीं
क़ोई
उम्मीद
थी
रोशनी
की
नहीं
पर
चराग़ों
को
हम
ने
बुझाया
नहीं
ख़ुद
से
ज़्यादा
भरोसा
था
तुझपे
मुझे
सो
तुझे
हमनें
भी
आज़माया
नहीं
आज
ज़्यादा
परेशाँ
रहेगी
तू
तो
आज
मैंने
तुझे
जो
सताया
नहीं
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Vivek Chaturvedi
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