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Vivek Chaturvedi
filmy villano se kam thodii na hai ye corona
filmy villano se kam thodii na hai ye corona | फिल्मी विलिनो से कम थोड़ी न है ये कोरोना
- Vivek Chaturvedi
फिल्मी
विलिनो
से
कम
थोड़ी
न
है
ये
कोरोना
गर
जान
से
मिलने
जाओ
तो
जान
को
ख़तरा
है
- Vivek Chaturvedi
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जानती
हो
कि
क्या
हुआ
है
तुम्हें
इश्क़
का
रोग
लग
गया
है
तुम्हें
तुमको
देखें
तो
देखते
जाएँ
देखने
का
अलग
मज़ा
है
तुम्हें
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Pravin Rai
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बीमार
को
मरज़
की
दवा
देनी
चाहिए
मैं
पीना
चाहता
हूँ
पिला
देनी
चाहिए
Rahat Indori
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टेंशन
से
मरेगा
न
कोरोने
से
मरेगा
इक
शख़्स
तेरे
साथ
न
होने
से
मरेगा
Idris Babar
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भारत
के
उपकार
को,
मान
रहे
सब
लोग
रोग
'घटाने'
के
लिए,
दिया
विश्व
को
'योग'
Divy Kamaldhwaj
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वो
जिसकी
याद
ने
जीना
मुहाल
कर
रखा
है
उसी
की
आस
ने
मुझको
सँभाल
कर
रखा
है
सियाह
रातों
में
साए
से
बातें
करता
है
तुम्हारे
ग़म
ने
नया
रोग
पाल
कर
रखा
है
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Harsh saxena
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गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
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क्या
कहूँ
तुम
से
मैं
कि
क्या
है
इश्क़
जान
का
रोग
है
बला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
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भारत
के
उपकार
को,
मान
रहे
सब
लोग
रोग
'घटाने'
के
लिए,
दिया
विश्व
को
'योग'
Divy Kamaldhwaj
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इस
मरज़
से
कोई
बचा
भी
है
चारा-गर
इश्क़
की
दवा
भी
है
Unknown
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ख़ुद
के
अंदर
दफ़्न
हूँ
मैं
ख़ुद
के
अंदर
मर
चुका
हूँ
Vivek Chaturvedi
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अभी
दूर
हैं
जितने
ही
पास
थे
हम
कि
दुश्मन
हैं
अब
जो
कभी
ख़ास
थे
हम
रखा
दूर
हमने
उसे
अपने
दिल
से
उसे
भी
तो
आते
कहाँ
रास
थे
हम
दिखाकर
ये
तस्वीर
इक
दिन
कहेंगें
ये
है
दोस्त
मेरा
यहीं
पास
थे
हम
अलग
पहले
उसने
रखा
सब
सेे
मुझको
मुझे
फिर
उसी
ने
कहा
ख़ास
थे
हम
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Vivek Chaturvedi
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जीने
लगा
हूँ
मैं
भी
तब
से
मरने
लगा
हूँ
तुझ
पे
जब
से
Vivek Chaturvedi
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आईने
को
रख
दिया
,उनके
चेहरे
के
सामने
यानी
हाज़िर
किया,
अपनी
जाँ
उनके
सामने
Vivek Chaturvedi
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इश्क़
की
राहों
में
गुज़र
के
देखते
हैं
इक
दफ़ा
हम
उनपे
मर
के
देखते
हैं
मैं
बुरा
हूँ
और
दुनिया
कितनी
अच्छी
ये
भी
तो
अब
हम
सुधर
के
देखते
हैं
देखा
था
हमनें
दफ़ा
इक
आँख
भर
के
तब
से
उन्हें
आँख
भर
के
देखते
हैं
वो
बिछाती
है
मेरे
रस्तों
में
पलकें
अपने
रस्तों
में
गुज़र
के
देखतें
हैं
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Vivek Chaturvedi
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