ham ne ghatta-badhata saaya pag-pag chal kar dekha hai | हम ने घटता-बढ़ता साया पग-पग चल कर देखा है

  - Vishvanath Dard
हमनेघटता-बढ़तासायापग-पगचलकरदेखाहै
हरराहीइकधुँदला-पनहैहरजादाइकधोकाहै
हमभीकिसीलम्हेकीउँगलीथामकेइकदिनचलदेंगे
तूनेतोजानेवालेजानेकोक्याजानाहै
माज़ीकीबे-नामगुफामेंबैठेबैठेसोचतेहैं
नगर-नगरहैशोहरतअपनीघर-घरअपनाचर्चाहै
हमतुमदोनोंदोस्तपुरानेसदियोंकीमजबूरीके
इससेबढ़करतुमहीबोलोऔरभीकोईरिश्ताहै
आतेजातेहरराहीसेपूछरहाहूँबरसोंसे
नामहमारालेकरतुमसेहालकिसीनेपूछाहै
ख़ुदकोपानेकीचिंतानेज्ञानजगायादूरीका
घरअपनाहैशहरपरायाबीचमेंलम्बारस्ताहै
  - Vishvanath Dard
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