hain kis li.e udaas koi poochta nahin | हैं किस लिए उदास कोई पूछता नहीं

  - Vishvanath Dard
हैंकिसलिएउदासकोईपूछतानहीं
रस्ताख़ुदअपनेघरकाहमेंसूझतानहीं
नक़्श-ए-वफ़ाकिसीकाकोईढूँढतानहीं
अहल-ए-वफ़ाकाफिरभीभरमटूटतानहीं
अहल-ए-हुनरकीबातथीअहल-ए-नज़रकेसाथ
अबतोकोईभीउनकीतरफ़देखतानहीं
हमसेहुईख़तातोबुरामानतेहोक्यूँँ
हमभीतोआदमीहैंकोईदेवतानहीं
दामनतुम्हाराहाथसेजातारहामगर
इकरिश्ता-ए-ख़यालहैकिटूटतानहीं
सूरजकेनूरपरभीअँधेरोंकाराजहै
'दर्द'दूरतकमुझेकुछसूझतानहीं
  - Vishvanath Dard
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