ek lamha thehar gaya mujh men | एक लम्हा ठहर गया मुझ में

  - Vishal Khullar
एकलम्हाठहरगयामुझमें
वक़्तजैसेकिक़ैदथामुझमें
कितनेएहसासभरगयामुझमें
रखगयाकौनआइनामुझमें
कितनेसूरजनएउभरआए
आसमाँजबबिखरगयामुझमें
सारेमंज़रमिरेइशारोंपर
बसगईहैतिरीअदामुझमें
कौनसहरामेंबसगयाकर
पेड़उगनेलगाघनामुझमें
मैंकहाँरातकामुसाफ़िरथा
चाँदख़ुदकेबसगयामुझमें
हवातेज़-गाममतचलना
जलरहाहैकहींदियामुझमें
  - Vishal Khullar
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