vaasta har pal nayi uljhan se hai | वास्ता हर पल नई उलझन से है

  - Virendra Khare Akela
वास्ताहरपलनईउलझनसेहै
फिरभीहमकोप्यारइसजीवनसेहै
किसग़लत-फ़हमीमेंहोतुमराधिके
मेलमनमोहनकाहरग्वालनसेहै
दिलदियामानोकिसबकुछदेदिया
औरक्याउम्मीदइसनिर्धनसेहै
यारउसकोभूलनामुमकिननहीं
उसकारिश्तादिलकीहरधड़कनसेहै
मुआ'फ़करनाआपहैंजिसपरफ़िदा
सारीरौनक़उसपेरंगरोग़नसेहै
जोसहीउसनेदिखायाबसवही
क्यूँशिकायतआपकोदर्पनसेहै
येकहाँमुमकिनकिलिखनाछोड़दूँ
शा'इरीकाशौक़तोबचपनसेहै
  - Virendra Khare Akela
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