KHvaab khush-fahmi khushi sab kuchh mita kar rakh diyaus ne do hi roz men mujh ko bhula kar rakh diya | ख़्वाब ख़ुश-फ़हमी ख़ुशी सब कुछ मिटा कर रख दिया

  - Virendra Khare Akela
ख़्वाबख़ुश-फ़हमीख़ुशीसबकुछमिटाकररखदिया
उसनेदोहीरोज़मेंमुझकोभुलाकररखदिया
येकरिश्माकमसेकमइंसानकेबसकानहीं
किसनेफिरपत्थरपेयेपौधाउगाकररखदिया
सबकीनज़रोंमेंयेदौलतजाएइसलिए
मैंनेतेरादर्दग़ज़लोंमेंछुपाकररखदिया
तर्क-ए-मयकरनेहीवालाथामगरअबक्याकरूँँ
जामसाक़ीनेमिरेहाथोंपेलाकररखदिया
सिर्फ़असलीबातहीबोलीनहींकम्बख़्तने
कुल-जहाँकायूँँतोअफ़्सानासुनाकररखदिया
क्याहसींक्यापुर-सुकूँसपनाअधूरारहगया
औरसोलेनेदियाहोताजगाकररखदिया
'अकेला'होगईअपनीभीरुस्वाईबहुत
हमनेउसरुख़सेमगरपर्दाहटाकररखदिया
  - Virendra Khare Akela
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