kuchh aise hi tumhaare bin ye dil meraa tarasta hai | कुछ ऐसे ही तुम्हारे बिन ये दिल मेरा तरसता है

  - Virendra Khare Akela
कुछऐसेहीतुम्हारेबिनयेदिलमेरातरसताहै
खिलौनोंकेलिएमुफ़्लिसकाज्यूँँबच्चातरसताहै
गएवोदिनकिजबयेतिश्नगीफ़रियादकरतीथी
बुझानेकोहमारीप्यासअबदरियातरसताहै
नफ़ानुक़सानकाझंझटतोहोताहैतिजारतमें
मोहब्बतहोतोपीतलकेलिएसोनातरसताहै
जानेकबतलकहोगीमेहरबानीघटाओंकी
चमनकेवास्तेकितनायेवीरानातरसताहै
यहीअंजामअक्सरहमनेदेखाहैमोहब्बतका
कहींराधातरसतीहैकहींकान्हातरसताहै
पताकुछभीनहींहमकोमगरहमसबसमझतेहैं
किसीबस्तीकीख़ातिरक्यूँवोबंजारातरसताहै
किआख़िर'अकेला'सब्रभीरक्खेकहाँतकदिल
बहुतकुछबोलनेकोअबतोयेगूँगातरसताहै
  - Virendra Khare Akela
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