सर-ब-ज़ानूहैंकियूँँहीरातभररहतेहैंहम
फैलजातीहैज़मींऔरमुख़्तसररहतेहैंहम
भागताहूँआलम-ए-इदराकसेमैं,मुझसेेदिल
हाँख़बरआतीहैलेकिनबे-ख़बररहतेहैंहम
इकदियाजलताहैताक़ोंमेंनुमाइशकेलिए
एकआईनाहैजिस
मेंमुश्तहररहतेहैंहम
सुब्हतकबिस्तरमेंबाक़ीइकशिकनरहताहैवो
शामतकदफ़्तरमेंख़ालीनींदभररहतेहैंहम
कटरहेहैंउगरहेहैंमौसमोंकेसाथसाथ
कोईयुगकोईसदीहोवक़्तपररहतेहैंहम
रातभरउठउठकेपानीढूँडतेहैंसाहिबो
एकतश्ना-ख़्वाबकेज़ेर-ए-असररहतेहैंहम