umr bhar yuñ hi jalte rahe raushni bhi nahin kar sake | उम्र भर यूँँ ही जलते रहे रौशनी भी नहीं कर सके

  - Vashu Pandey
उम्रभरयूँँहीजलतेरहेरौशनीभीनहींकरसके
गाँवकरनाथारौशनहमेंइकगलीभीनहींकरसके
हमकोइतनाडरायागयामेरेमौलातेरेनामसे
तेरेबंदेकभीठीकसेबंदगीभीनहींकरसके
बेख़ुदीमेंउठेथेक़दमफँसेऐसेरस्तेपेहम
मंज़िलेंभीनहींमिलसकीवापसीभीनहींकरसके
छोटेघरकेबड़ेथेसोहमज़िम्मेदारीनिभातेरहे
आशिक़ीतोबड़ीबातथीख़ुद-कुशीभीनहींकरसके
कामदोहीथेकरनेहमेंआशिक़ीयातोफिरशा'इरी
आशिक़ीभीनहींकरसकेशा'इरीभीनहींकरसके
  - Vashu Pandey
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