hawa-e-shokh ki aaKHir fusoon kaari ye kaisi hai | हवा-ए-शोख़ की आख़िर फ़ुसूँ कारी ये कैसी है

  - Vali Madni
हवा-ए-शोख़कीआख़िरफ़ुसूँकारीयेकैसीहै
अज़िय्यतदेकेटलजातीहैदिलदारीयेकैसीहै
बरसतेहैंमुसलसलअपनेसरआफ़ातकेपत्थर
बतादिलबलाओंकीख़रीदारीयेकैसीहै
उगीहैंधूपकीफ़सलेंकहींसायानहींमिलता
शजर-कारीकादावाथाशजर-कारीयेकैसीहै
खड़ीहैअपनेदामनकोपसारेग़ैरकेआगे
मिरेमौलापरेशाँआजख़ुद-दारीयेकैसीहै
कहींख़ुशियोंकीकलियाँहैंकहींअश्कोंकेबूटेहैं
हयात-ओ-मौतकेमाबैनगुल-कारीयेकैसीहै
दरीचोंसेशुआएँझाँकतीहैंमुस्कुरातीहैं
ख़बरतोलोपस-ए-दीवारबेदारीयेकैसीहै
लरज़तीहैफ़क़तइकलफ़्ज़कीहल्कीसीठोकरसे
'वली'दलकेमकाँकीचार-दीवारीयेकैसीहै
  - Vali Madni
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