banaa kar KHud ko jis ne ik bhala insaan rakha hai | बना कर ख़ुद को जिस ने इक भला इंसान रक्खा है

  - Vali Madni
बनाकरख़ुदकोजिसनेइकभलाइंसानरक्खाहै
सुकून-ए-क़ल्बकाअपनेलिएसामानरक्खाहै
सुकूँकेसाथजीनातोबहुतदुश्वारहैलेकिन
ज़मानानेपहुँचनामर्गतकआसानरक्खाहै
क्यूँँमोहतातरख्खूँख़ुदकोवक़्त-ए-गुफ़्तुगूतुमसे
तुम्हारेदिलकोमैंनेआबगीनाजानरक्खाहै
परीक्यूँँनींदकीउतरेमिरीपलकोंकेआँगनमें
किमैंनेपालकरदिलमेंअजबबोहरानरक्खाहै
दर-ओ-दीवारपरहैंघोंसलेकितनेपरिंदोंके
कहूँकैसेकिक़ुदरतनेयेघरवीरानरक्खाहै
अताकरसामनाकरनेकीजुरअतख़ुदादिलमें
मिरीकश्तीकीक़िस्मतमेंअगरतूफ़ानरक्खाहै
मिरेऊपर'वली'सबसेबड़ाएहसानहैउसका
किजिसनेशाख़-ए-दिलपरफूलसाईमानरखाहै
  - Vali Madni
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