faila na yuñ khuloos ki chadar mire li.e | फैला न यूँँ ख़ुलूस की चादर मिरे लिए

  - Vali Madni
फैलायूँँख़ुलूसकीचादरमिरेलिए
कलतकथातेरेहाथमेंपत्थरमिरेलिए
पलकोंपेकुछहसीनसेमोतीसजागया
फिरसूनीसूनीशामकामंज़रमिरेलिए
दीवार-ओ-दरसेउसकेटपकतीहैतिश्नगी
इकदश्त-ए-बे-कराँहैमिराघरमिरेलिए
ख़ुशबूजोप्यारकीमुझेदेताथाअबवही
रखताहैदस्त-ए-नाज़मेंख़ंजरमिरेलिए
येशबबड़ीतवीलहैजाऊँकहाँ'वली'
अबबंदहोचुकेहैंसभीदरमिरेलिए
  - Vali Madni
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