tamaam raat vo jaaga kisi ke wa'de par | तमाम रात वो जागा किसी के वा'दे पर

  - Vafa Malikpuri
तमामरातवोजागाकिसीकेवा'देपर
वफ़ाकोहीगईनींदरातढलनेपर
जोसबकादोस्तथाहरअंजुमनकीरौनक़था
कलउसकीलाशमिलीउसकेघरकेमलबेपर
वोज़ौक़-ए-फ़नहोकिशाख़-ए-चमनकिख़ाक-ए-वतन
हरइककाहक़हैमिरेख़ूँकेक़तरेक़तरेपर
हक़ीक़तेंनज़रआएँतोकिसतरहउनको
तअ'स्सुबातकीऐनकहैजिनकेचेहरेपर
चमनमेंयूँँतोथेकुछऔरआशियाँलेकिन
गिरीजोबर्क़तोमेरेहीआशियानेपर
करममुझीपेथासबबाग़बान-ओ-गुलचींका
किसीनेक़ैदकियाऔरकिसीनेनोचेपर
येदश्त-ए-हुज़्नहैकर्ब-ओ-बलाकासहराहै
चलेगाकौनयहाँअब'वफ़ा'केरस्तेपर
  - Vafa Malikpuri
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