soz-e-gham se jigar jal raha hai magar mira dard-e-nihaan aashkaara nahin | सोज़-ए-ग़म से जिगर जल रहा है मगर मिरा दर्द-ए-निहाँ आश्कारा नहीं

  - Vafa Malikpuri
सोज़-ए-ग़मसेजिगरजलरहाहैमगरमिरादर्द-ए-निहाँआश्कारानहीं
घुटकेमरनागवाराहैचारा-गरराज़-ए-उल्फ़तअयाँहोगवारानहीं
शम्अ'जलतीरहीरातढलतीरहीनब्ज़-ए-बीमाररुकरुककेचलतीरही
केदमभरकेमेहमाँकोअबदेखलोइसकेबचनेकाकोईसहारानहीं
बचकेतूफ़ाँकीज़दसेकहाँजाएगाअबकहाँतकतलातुमसेटकराएगा
इससफ़ीनेकोअबडूबजानेभीदोजिसकीक़िस्मतमेंकोईकिनारानहीं
हैचमनतोवहीवोनशेमनकहाँचंदतिनकोंकीख़ातिरचलेंआँधियाँ
अबवोझोंकेनहींअबवोतूफ़ाननहींअबवोशो'लेनहींवोशरारानहीं
ख़ार-ओ-गुलमेंहैबाहमयेपैकारक्यायेजफ़ा-ओ-वफ़ामेंहैतकरारक्या
दिलकीबाज़ीमेंहैजीतक्याहारक्याहुस्नजीतानहींइश्क़हारानहीं
जिससेबज़्म-ए-वफ़ामेंचराग़ाँहोदिलकीवीरानबस्तीगुलिस्ताँहो
येतबस्सुमतोकोईतबस्सुमनहींयेइशारातोकोईइशारानहीं
दिलसेबिगड़ीख़िरदसेख़फ़ाहोगयादीन-ओ-दुनियासेना-आश्नाहोगया
बैठेबैठे'वफ़ा'कोयेक्याहोगयाअबतुम्हाराकरमभीगवारानहीं
  - Vafa Malikpuri
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