uljhnon par uljhane khaljaan hai khaljaan par | उलझनों पर उलझनें ख़लजान है ख़लजान पर

  - Ushba Tabeer
उलझनोंपरउलझनेंख़लजानहैख़लजानपर
आहकितनीआफ़तेंहैंहज़रत-ए-इंसानपर
कामफिरकरतीनहींहैमंतिक़-ओ-तदबीरकुछ
पर्दाजबपड़जाएतेरीअक़्लकीशिरयानपर
दिलअदावतसेभरेहैंपरज़बाँशीरीं-सुख़न
इसलिएकुढ़ताहैदिलइख़्लासकेफ़ुक़्दानपर
धूलसारीउम्रफिरवोचाटताफिरतारहे
मो'तरिज़होजाएजबइंसानहीविज्दानपर
ग़स्बकरजातेहैंअक्सरहक़किसीमासूमका
लोगमिट्टीडालतेहैंइसतरहईमानपर
हालमेंरहकरभीरिश्तारखतेहैंमाज़ीकेसाथ
रश्क'आशिक़इसक़दरकरतेहैंहरनुक़सानपर
क्यूँबसारतकीज़मींबंजरकीबंजररहगई
दुखहैतेरीज़ातपरतुफ़हैतिरीपहचानपर
पर्बतोंपरभीअगररखदोतोझुकजाएँगेवो
ऐसेऐसेदर्दभीझेलेहैंहमनेजानपर
आज'उश्बा'लोगमेरीबातक्यूँसुनतेनहीं
ख़ुदकोकोसूँयाकिरोऊँऐसेकज-अज़हानपर
  - Ushba Tabeer
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